बजट के मुख्य अंश
- 2019-20 के लिए बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा मूल्यों पर 5,72,827 करोड़ रुपए अनुमानित है। यह 2018-19 के संशोधित अनुमान से 5% अधिक है।
- 2019-20 के लिए कुल व्यय 2,00,501 करोड़ रुपए अनुमानित है, जोकि 2018-19 के संशोधित अनुमान से 5% अधिक है। 2018-19 में, संशोधित अनुमान के अनुसार, बजटीय अनुमान की तुलना में व्यय 13,928 करोड़ रुपए की वृद्धि (7.9%) का अनुमान है।
- 2019-20 के लिए कुल प्राप्तियां (उधारियों के बिना) 1,79,849 करोड़ रुपए अनुमानित हैं जोकि 2018-19 के संशोधित अनुमान से 11.9% अधिक है। 2018-19 में कुल प्राप्तियों के (उधारियों को छोड़कर) बजटीय अनुमान (1,60,735 करोड़ रुपए) के बराबर रहने का अनुमान है।
- 2019-20 के लिए राजस्व अधिशेष 21,517 करोड़ रुपए या जीएसडीपी के 3.76% पर लक्षित है। राजस्व घाटा 16,101 करोड़ रुपए पर लक्षित है (जीएसडीपी का 2.81%)।
नीतिगत विशिष्टताएं
- शिक्षा: शिक्षा के लिए 35,942 करोड़ रुपए का आबंटन किया गया। मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी को साइकिल दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत सहायता राशि को 2,500 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए कर दिया गया। मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 की छात्राओं को मिलने वाली 1,000 रुपए की सहायता राशि को भी बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दिया गया है।
- स्वास्थ्य: 2019-20 के दौरान केंद्र और राज्य सरकार 11 नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण प्रारंभ करेंगी। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल की क्षमता को बढ़ाकर 5,000 बिस्तर करने और विद्यार्थियों की दाखिला क्षमता को बढ़ाकर 250 करने के लिए 5,540 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है।
- कृषि: हाल ही में घोषित मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के लिए 1,692 करोड़ रुपए का आबंटन किया गया है। राज्य में सूखे की आशंका वाले 24 जिलों में किसानों को कृषि इनपुट सबसिडी के लिए 1,430 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि इनपुट अग्रिम अनुदान को 6,000 से बढ़ाकर 8,000 रुपए किया गया है।
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