लॉकडाउन का टाइमपास - KADAK MIJAJI

KADAK MIJAJI

पढ़िए वो, जो आपके लिए है जरूरी

Breaking

Home Top Ad

Tuesday, March 24, 2020

लॉकडाउन का टाइमपास

मिर्जापुर, सेक्रेड गेम्स, क्रिमिनल जस्टिस, पिचर्स, कोटा फैक्ट्री आदि जैसी मशहूर वेब सीरीज तो आप सभी ने देख ली होगी। आज हम आपको कुछ ऐसी बेहतरीन वेब सीरीज के नाम बताने जा रहे है, जो शायद अबतक आपसे ओझल रह गयी हो।




अफसोस

दिव्या चटर्जी और अनिर्बान दासगुप्ता द्वारा लिखित अमेजन प्राइम पर रिलीज यह वेब सीरीज काफी रोमांचक पूर्ण है। यह कहानी नकुल की है जिसने खुद को 11 बार मारने का प्रयास किया होता है लेकिन हर बार वह इसमें असफल रहता है। दरअसल नकुल एक परेशान किरदार है जिसकी ज़िंदगी में कुछ भी सही नही हो रहा होता है। उसे हर जगह बार बार नौकरी से निकाल दिया जाता है। लिखने का उसे काफी शौक है, लेकिन बतौर लेखक भी वह बुरी तरह असफल होता है। इन सबसे तंग आकर नकुल खुद को मारने के लिए एक एजेंसी से संपर्क करता है लेकिन इस बीच कुछ ऐसा होता है जिससे नकुल के जीवन मे भूचाल आ जाता है।




काली

यह कहानी एक ऐसी माँ की है जिसका बेटा अस्पताल में भर्ती है और उसे 24 घंटे के भीतर अपने बच्चे के आपरेशन के लिए कुल छह लाख रुपये जमा करने है। वह अपने बच्चे को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। और इस सफर में एक माँ का जज्बा और जुनून देखने लायक है। काली मूलतः बंगाली वेब सिरीज़ है जिसकी हिंदी डबिंग भी आसानी से उपलब्ध है।




द फैमिली मैन

अमेजॉन प्राइम की इस वेब सिरीज़ से मनोज बाजपेयी ने अपना डिजिटल डेब्यू किया है। इस वेब सिरीज़ की कहानी एक इंटेलिजेंस एजेंसी (TASC) में काम करने वाले एजेंट "श्रीकांत तिवारी" पर आधारित है। श्रीकांत जोकि बेहद ही जिम्मेदार पारिवारिक व्यक्ति होने के साथ साथ एक आला दर्जे का अफसर भी है। हालांकि उसकी बीवी और उसके बच्चे इस बात से जरूर नाराज़ रहते है कि वह अपनी फैमिली को पर्याप्त समय नही दे पाता। इस बीच इंटेलिजेंस की रिपोर्ट आती है कि एक हमला होने वाला है, जिसे नाकाम करने में श्रीकांत अपनी टीम के साथ जुट जाता है।





लाखों में एक

सरकार की तरफ से डॉक्टर श्रेया शीतलपुर नाम के एक गाँव में मोतियाबिंद का कैम्प सेटअप करने के लिए जाती है। लेकिन जितना आसान वह सबकुछ सोचती है वैसा कुछ भी नही होता। वह लोगों के लिए अच्छा करना चाहती है, सरकारी लाभ उनतक पहुँचाना चाहती है। लेकिन लोकल प्रशासन व ग्रामीण लोगो की अनदेखी उसके सफल कैम्प आयोजन में ढेर सारी बाधाएं उत्पन्न करते है। डॉक्टर श्रेया इस बीच निराश जरूर होती है लेकिन वह पूरी लगन से जुट जाती है सिस्टम व लोगों को बदलने में।





दिल्ली क्राइम

जिन चार दरिंदो को हाल ही में फांसी दी गयी है, यह कहानी उन्हें ही पकड़ने पर आधारित है। निर्भया के आरोपियों को पकड़ने के दौरान इस सीरीज में पुलिस वालों की ज़िंदगी व उनकी कठिन डयूटी को दिखाया गया है, जो मीडिया व राजनीति के प्रेसर में भी एक घिनोने अपराध के खिलाफ किस तरह अपना काम करते है। शेफाली शाह ने दिल्ली की डीसीपी के किरदार को बखूबी निभाया है। वही लोकेशन, म्यूजिक, डायलॉग, स्क्रीनप्ले सभी शानदार है।






ब्रीथ

इस सीरीज में माधवन ने अपनी तमाम किरदारों के विपरीत काम किया है। वे अपने बीमार बच्चे को बचाने के लिए खूँखार रूप धारण कर लेते है और चुन चुन कर सभी एबी नेगेटिव डोनर्स वालो का कत्ल करते है। एक पिता मजबूरी व बेबस में आकर किस हद तक जा सकता है, यह कहानी उसी सनकपन है। इसके विपरीत अमित साध एक पुलिस का किरदार निभा रहे है, जिन्हें कातिल की तलाश है।





ये मेरी फैमिली

यह मेरी सबसे पसंदीदा वेब सीरीज है। यह वेब सीरीज़ 90s की यादों को ताजा करती एक फैमिली के इर्द-गिर्द बुनी गयी है। इस वेब सीरीज की सबसे खास बात यह है कि इसमें आम भारतीय सीरियल की तरह जबरदस्ती का मेलोड्रामा नही है। यह 90s को फिर से जीने का कम्पलीट यू-टर्न टिकट है। यूट्यूब पर भी आप इसे आसानी से देख सकते है।





असुर

हाल ही में वूट सेलेक्ट पर रिलीज हुई वेब सीरीज "असुर - वेलकम टू योर डार्क साइड" काफी तहलका मचा रही है। यह सीरीज एक जबरदस्त सस्पेंस थ्रिलर है जिसमें माइथोलॉजी और साइंस को एक ही सिक्के के दो पहलू के रूप में दर्शाया गया है। कहानी इतनी बेहतरीन तरीके से लिखी गयी है कि तर्क और मान्यताए दोनों एक ही पटरी पर साथ साथ चलते नजर आते है। विज्ञान और धर्म की इस रेस में अंततः यह समझ आता है कि सही या गलत तो कुछ भी नही, यह तो बस अपना अपना नजरिया है।

-आशीष झा


Post Bottom Ad

Pages