कठिन दौर है। दुनिया के बड़े से लेकर छोटे सभी देश लड़ रहे हैं। चीन के वुहान शहर से निकलकर कोरोना वायरस महामारी अब दुनिया के 168 देशों में फ़ैल चुकी है। अब तक इस वायरस की चपेट में लगभग 3,81,499 लोग आ चुके हैं जिनमें से 16,557 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी खबर यह है कि करीब 1,01,794 लोगों को ठीक भी किया जा चुका है। कोरोना वायरस के संक्रमण से चीन के बाद अब सबसे जयदा यूरोपीय देश इटली प्रभावित है। इटली में अब तक सबसे ज्यादा 6,077 लोगों की जान जा चुकी है।
दुनियाभर में फ़ैल चुकी इस महामारी से बचाव के लिए जहाँ एक ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से लेकर बड़ी-बड़ी स्वास्थ्य संस्थाएं इस बीमारी का सटीक इलाज ढूंढने में लगी हुयी हैं तो दूसरी ओर तेजी से अफवाहों का दौर चल रहा है। ख़बरों को सुनते, पढ़ते ही बिना तथ्यों की जानकारी लिए धड़ल्ले से साझा कर दिया जा रहा है।
अफवाह
फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि शवों को देखकर इटली के प्रधानमंत्री की आंखों में आंसू आ गए। यह तस्वीर साझा करते हुए कहा जा रहा है कि इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कॉन्टे कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोक न पाने के कारण रो रहे हैं।
साझा की जा रही तस्वीर में अंग्रेजी में एक कथन लिखा हुआ है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ग्यूसेप कॉन्टे ने ऐसा कहा है। जिसका हिंदी मतलब कुछ इस प्रकार है. ”इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कॉन्टे- हमने नियंत्रण खो दिया। माहमारी ने हमें शारीरिक और मानसिक तौर पर खत्म कर दिया है। समझ नहीं आ रहा कि इससे ज्यादा हम क्या कर सकते हैं। सारे उपाय करके हम हार चुके हैं। अब आखिरी उम्मीद ऊपर वाले पर है। भगवान बचा लो हमारे लोगों को।”
इसके साथ ही एक अख़बार की कटिंग को भी साझा किया जा रहा है जिसका शीर्षक कुछ इस प्रकार है, "हमनें हर संभव काम किया, अब हमें केवल भगवन ही बचा सकता है!" साझा की जा रही इस अख़बार की कटिंग के माध्यम से भी ऊपर की तस्वीर जैसी ही खबर दी जा रही है।
सच्चाई
सबसे पहले तो आपको बता दें कि तस्वीर को इटली का प्रधानमंत्री बताकर साझा किया जा रहा है वो उनकी नहीं बल्कि ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो की है। राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो की यह तस्वीर 2019 के उस समय की है जब वो स्वयं पर हुए चाक़ू से हमले की घटना को बयां कर रहे थे। घटना का जिक्र करते हुए उनकी आँखों से आंसू आ गए थे।
साथ ही तस्वीर या अख़बार की कटिंग में जो खबर फैलाई जा रही है, तथ्यात्मक रूप से वो भी बिलकुल गलत है। क्योंकि प्रधानमंत्री ग्यूसेप कॉन्टे ने सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया है। अगर आप उनके ट्विटर हैंडल पर भी जाकर देखेंगे जहां उन्होंने सिर्फ कोरोना वायरस को लेकर किये जा रहे प्रयासों से संबंधित सकारात्मक बातों को साझा किया है। जिसके बाद इस खबर के अफवाह होने की और पुष्टि हो जाती है।


