पर कुछ दिनों पहले ऑस्ट्रेलिया में अखबार का एक अनोखा इस्तेमाल देखने को मिला। दरअसल कुछ दिनों पहले विश्व के कई देशों में टॉयलेट पेपर की भारी कमी हो गई थी-
आखिर ऐसा क्यों हुआ- तो भाई कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए कुछ देशों में लॉक डाउन किया जा रहा था। लोगों में लॉक डाउन की दहशत इतनी फैली कि सुपर मार्केट में जरूरत का सामान खरीदने के लिए भगदड़ मच गई। जिस चीज की सबसे ज्यादा किल्लत हुई वो थे टॉयलेट पेपर। लोग स्टॉक में टॉयलेट पेपर खरीद कर घर में जमा करने लगे। पहले हांग कांग फिर यूएस, यूके, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में टॉयलेट पेपर की भारी कमी होने लगी।
दूसरे देशों से टॉयलेट पेपर की किल्लत की वजह से अजीबोगरीब खबरें आने लगीं। टोक्यो
में दुकानें प्रति व्यक्ति एक टॉयलेट पेपर रोल बेचने लगीं। वहीं हांग कांग में एक गैंग ने दुकान से बंदूक की नोंक पर टॉयलेट पेपर की डकैती की। शुक्र मनाइए कि भारत
में तो सिर्फ ट्रेनों से मग्गे ही चोरी होते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में एक महिला ने गलती से इतनी ज्यादा मात्रा में टॉयलेट पेपर का ऑर्डर दे दिया था कि वो 12 साल तक उसे इस्तेमाल कर सकती थी। जब मार्च में टॉयलेट पेपर के लिए मारा मारी होने लगी तो टॉयलेट पेपर बेचकर उसने अपनी बेटी की पढ़ाई का खर्चा उठाया। इसी टॉयलेट पेपर संकट में अपना योगदान देते हुए। लोगों की इस परेशानी का हल लेकर ऑस्ट्रेलिया के एक प्रतिष्ठित अखबार NT news care ने अपने 8 पेज को खाली छोड़ दिया था जिससे कि लोग उन खाली पन्नों को टॉयलेट पेपर की तरह से इस्तेमाल कर सकें।
वैसे भारत में पानी संकट आने से हम वही पुराने मिट्टी और घास वाले दौर
में पहुंच सकते हैं। कभी खुले में शौच जाने वाले इस उदाहरण को अच्छे से समझ सकते हैं।
ये खबर हैरान तो करती ही है
साथ ही हम लोगों को भविष्य में ऐसे किसी संकट के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी
देती है।
वीडियो देखें: इस अखबार ने ये कारनामा किया है।
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