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Monday, December 3, 2018

खेल: ऑस्ट्रेलिया में क्यों आसान नहीं है टीम इंडिया की राहें





भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरे के शुरुआत में क्रिकेट की दुनिया में चारों ओर हल्ला मचा था कि मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहद कमजोर है और विराट कोहली की अगुआई में टीम इंडिया काफ़ी मजबूत टेस्ट टीम है.ऐसे में वो इस बार ऑस्ट्रेलिया में पहली बार जीत का परचम लहरायेगी.इसलिए टीम इंडिया का यह दौरा शुरू से ही एक जीत के रूप में देखा जा रहा था. हो भी क्यों नहीं टेस्ट रैंकिंग में टीम इंडिया नंबर वन है तो वही ऑस्ट्रेलिया पांचवे स्थान पर है.ऑस्ट्रेलियन टीम भले ही बोलिंग में मजबूत हो लेकिन स्टीवन स्मिथ और डेविड वार्नर के बिना बैटिंग में काफ़ी कमजोर दिख रही है. 

लेकिन वो कहते हैं न क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है वही होता दिख रहा है.भले ही भारतीय बैटिंग ऑर्डर ऑस्ट्रेलिया से मजबूत दिख रही हो लेकिन जिस तरह से अभ्यास मैच में भारतीय गेंदबाजों ने बोलिंग किया है उससे तो यही लगता है कि टीम सिरीज़ ड्रॉ करा ले वही काफ़ी है.ऑस्ट्रेलियाई एकादश (जूनियर) की टीम ने एक मात्र मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की. ऑस्ट्रेलिया की जूनियर टीम के 10 विकेट गिराने के लिए कप्तान कोहली को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा. भारत द्वारा पहली पारी में 358 रन के जवाब में ऑस्ट्रेलिया एकादश ने अपनी पहली पारी में 544 रन का विशाल स्कोर बनाकर ऑलआउट हुई. इसके लिए कप्तान विराट कोहली ने 10 गेंदबाजों का किया इस्तेमाल,भारत की ओर से मोहम्मद शमी को तीन, रविचंद्रन अश्विन को दो और उमेश यादव, इशांत शर्मा, विराट कोहली तथा जसप्रीत बुमराह को एक-एक विकेट मिले. वैसे तो भारत और ऑस्ट्रेलिया एकादश के बीच सिडनी में खेला गया अभ्यास मैच बिना किसी नजीते के ड्रॉ पर समाप्त हो गया. लेकिन अनुभवहीन जूनियर टीम ने भारतीय गेंदबाजों की जिस अंदाज में खबर ली,अगर आगे टेस्ट सीरीज में भी वैसा ही रहा तो विराट एंड कंपनी के लिए अच्छी खबर नहीं मिलने वाली.


अभ्यास मैच में भारत के लिए सबसे अच्छी खबर यह रही कि पहली पारी में पृथ्‍वी शॉ,केएल राहुल, कोहली, रहाणे और हनुमा विहारी ने अर्धशतक जड़े,जबकि दूसरी पारी में मुरली विजय ने शतक और राहुल ने 62 रन की पारी खेलकर फॉर्म दिखाई. इंग्लैंड में टेस्ट श्रृंखला के बीच से बाहर किए जाने की निराशा को दरकिनार करते हुए भारत के सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ शतकीय पारी खेली.इस फॉर्म को देखते हुए मुरली विजय के पहला टेस्ट खेलने की संभावना बढ़ गई हैं. वहीं मुरली का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचें बैकफुट पर टिकी उनकी बल्लेबाजी को रास आती है.मुरली विजय और केएल राहुल के फॉर्म ने पहले टेस्ट से पूर्व भारतीय ड्रेसिंग रूम की चिंता कुछ हद तक कम कर दी है. 

ऑस्ट्रेलिया की वर्तमान बैटिंग ऑर्डर भले ही पिछले ऑस्ट्रेलियन टीम की तरह न हो लेकिन उनकी बोलिंग बहुत मजबूत है. घरेलू परिस्थितियों के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया के पास बेहतर बोलिंग अटैक है.140-145 किलोमीटर प्रतिघंटा से ऊपर की स्पीड के साथ गेंद को स्विंग करवाने वाले जोश हेजलवुड,पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क जैसे गेंदबाज है तो वहीं स्पिनर नॉथन लॉयन टीम के साथ हैं. ऑस्ट्रेलिया की इसी बोलिंग अटैक ने भारतीय टीम को खूब परेशान किया है.जहां तक उसकी बैटिंग का सवाल है, भले ही ऑस्ट्रेलिया कमजोर हो,लेकिन विदेशों में खासकर ऑस्ट्रेलिया में भारत का रेकॉर्ड भी बहुत अच्छा नहीं है.


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इंडियन क्रिकेट टीम 1947 से ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रही है. तब से अब तक टीम इंडिया 11 बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेल चुकी है.ऑस्ट्रेलिया के अपने 11 दौरे में कोई भी भारतीय टीम कभी टेस्ट सीरीज नहीं जीती.ऑस्ट्रेलिया में खेले 44 टेस्ट मैचों में भारत सिर्फ पांच ही जीत सका है.पिछले लगातार तीन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम ने टेस्ट सीरीज गंवाई है। पिछले दौरे पर टीम को 4- 0 से सिरीज़ गंवानी पड़ी थी. 

विराट कोहली का मौजूदा फॉर्म और ऑस्ट्रेलिया में उनका पिछला रिकॉर्ड दोनों ही टीम इंडिया के लिए बूस्टर का काम करेगी. विराट ने पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर चार टेस्ट मैचों की आठ पारियों में चार शतकों की मदद से 692 रन बनाए थे.इस साल वे 10 टेस्ट मैचों में 4 शतकों की मदद से 1063 रन बनाए हैं. उन्होंने लगातार तीन साल हजार से ज्यादा रन बनाए हैं.अब तक ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली ने मेजबान टीम के खिलाफ कुल 8 टेस्ट मैच ही खेले हैं और वो 5 शतक जड़ चुके हैं. यानी अगर वो चार टेस्ट मैचों की सीरीज में दो और शतक जड़ने में सफल रहे तो सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ देंगे. कोई शक ही नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया का पूरा फोकस इस समय विराट पर है क्योंकि उन्हें अंदाजा है कि मैच और सीरीज को अपने नियंत्रण में रखने के लिए भारतीय कप्तान को ज्यादा देर तक क्रीज पर खड़े रहने नहीं देना है.

टी20 सीरीज में 1-1 से बराबरी कर हार टालने के बाद विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम 6 दिसंबर से एडिलेड में चार टेस्‍ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेलने उतरेगी.एक्सपर्ट की राय माने तो यह सिरीज़ असल में मुकबला ऑस्ट्रेलिया की पेस बॉलिंग और विराट कोहली के बीच होने जा रहा है. वैसे भी विराट कोहली को अस्ट्रेलिया की तेज-तर्रार पिचें रास आती हैं. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ का मानना है कि चार मैचों श्रृंखला भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने का सुनहरा मौका है.वहीं हूपर का कहना है कि टीम इंडिया जीत की दावेदार है लेकिन ऑस्ट्रेलिया को उसके घर पर हराना बेहद मुश्किल है.


अगर भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट श्रृंखला जीतना है तो उनको बैटिंग के साथ-साथ गेंदबाजी में भी दम दिखाना पड़ेगा. भुवनेश्वर कुमार और जासप्रीत बूमराह को अच्छी गेंदबाजी करनी होगी खासकर शुरुआती ओवरों में स्विंग कराकर अस्ट्रेलिया के अनुभवहीन बैटिंग लाईन को मुश्किल में डाला सकते हैं.

                                             
                                    राकेश कुमार की रिपोर्ट  भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से 

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