
हमें अब हर बलात्कार पर जवाब चाहिए
किसी सुधीर से
किसी रवीश से
किसी वामी से
या फिर किसी संघी से।
हम संवेदनहीन हो चले हैं
हमें दिक्कत नहीं किसी बलात्कारी से
हमें दिक्कत है तो सिर्फ उसके धर्म से।
काश
कि होता हवस का भी कोई धर्म
हम लाखों साल पहले ही मिटा चुके होते
इसे।
मेरी बहन को घूरने वाले का धर्म क्या था
मैं अगर जान पाता
तो अपनी बेटी को सुरक्षित कर लेता।
इसके लिए शुक्रिया
- देवपालिक
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