प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से 5 अप्रैल यानी आज की रात 9 बजे घर की सारी बत्तियां बुझाकर 9 मिनट तक दीये/मोमबत्ती/टॉर्चलाइट जलाने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस की वजह से फैले अंधकार को हटाने के लिए अपनी 130 करोड़ की जनता से ये अपील की है। इस अपील के बाद एक ओर जहां कई लोग इस अपील के समर्थन में हैं तो कई इसको लेकर पीएम की आलोचना कर रहे हैं।
9 बजे...9मिनट... याद है ना?
इसी क्रम में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस अपील को बीजेपी का छिपा हुआ एजेंडा बताया है। कुमारस्वामी ने ट्वीट कर कहा- "राष्ट्रीय संकट को अपने विकास के गुनगान के कार्यक्रम में में बदलना शर्मनाक है और इससे ज्यादा शर्मनाक है वैश्विक विपत्ति की स्थिति में अपनी पार्टी के छिपे हुए एजेंडे को आगे बढ़ाना। प्रधानमंत्री को सदबुद्धी मिले।"
उन्होंने आगे ट्वीट किया- "सरकार को अभी तक डॉक्टरों को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विप्मेंट (पीपीई) प्रदान कराना और आम आदमी को सस्ती टेस्ट किट उपलब्ध कराना बाकी है। देश को ये बताने के बजाय की क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं पीएम पहले से त्रस्त जनता को बेमतलब के काम दे रहे हैं। क्या पीएम ने चालाकी से देश को भाजपा के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कैंडल लाइट जागरण करने के लिए कहा है? 6 अप्रैल भाजपा का स्थापना दिवस है, इस आयोजन के लिए इसी तारीख और समय की पसंद को और क्या समझा सकता है? मैं पीएम को एक वैज्ञानिक और तर्कसंगत स्पष्टीकरण देने की चुनौती देता हूं।"
आपको बता दें की इससे पहले 22 मार्च को पीएम मोदी ने लॉकडाउन के बीच काम कर रहे कर्मचारियों का आभार जताने के लिए जनता से थाली और तालियां बजाने की अपील की थी।
पीट-पीट कर थाली तोड़ दी!
विश्वभर में फैली कोरोनावायरस महामारी के जद में लाखों लोग हैं और इसने करीब 65,000 लोगों को निगल लिया है। इस महामारी की चपेट में हमारा देश भी है, जहां 77 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,374 लोग संक्रमित हैं। ऐसे मुश्किल समय में सभी देश अपने-अपने स्तर से इससे निपटने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में हमारे देश में 21 दिवसीय लॉकडाउन को लागू किया गया है जिसकी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सराहना भी की है। लेकिन सरहाना के साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि लॉकडाउन के बीच मिले समय का उपयोग नहीं किया गया तो सिर्फ इससे कोरोना वायरस संक्रमण को खत्म नहीं किया जा सकता है।





No comments:
Post a Comment
आपको यह कैसा लगा? अपनी टिप्पणी या सुझाव अवश्य दीजिए।