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Friday, August 31, 2018

आशा और निराशा


भूतकाल से सीखो, वर्तमान में जिओ और भविष्य के लिए आशावादी रहो। चाहे सब कुछ बुरा ही क्यों न हो रहा हो, चारों तरफ अंधेरा ही क्यों न हो, अपने पराये क्यों न हो जाएं… फिर भी आस मत छोड़ो। क्योंकि आशा में इतनी शक्ति है कि यह हर खोई हुई चीज़ आपको दिला सकती है। उन लोगों की आशा मत टूटने दें, जिनकी आखरी उम्मीद आप ही हैं। एक बात तो तय है कि शिक्षा से विश्वास आता है, विश्वास से आशा और आशा से शांती मिलती है। इंसान को इंसान धोखा नहीं देता बल्कि इसका विश्वास धोखा देता है। अगर आशा न होती तो ये दुनिया कितनी बोझल हो जाती। आशा के सहारे ही मानव लब कुछ आसानी से झेल लेता है। इसलिए इंसान को कभी भी आशा का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।

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