आज से लगभग 10 साल पहले 2011 में एक फिल्म आई थी। 'द डर्टी पिक्चर'। उस फिल्म में एक तगड़ा डायलॉग था, कि फिल्में बस तीन चीजों की वजह से चलतीं हैं इंटरटेनमेंट, इंटरटेनमेंट और इंटरटेनमेंट।
ठीक 10 साल बाद यही डायलॉग सोशल मीडिया पर अप्लाई हो रहा है। अगर इसे डायलॉग के अंदाज में बोलें तो सोशल मीडिया भी बस तीन चीजों की वजह से चलता है मीम, मीम, और मीम।
मौजूदा वक्त में मीम सोशल मीडिया के शरीर की आत्मा है। अगर सोशल मीडिया को एक फल मान लें तो मीम उस फल का रस है। फिलहाल सोशल मीडिया पर नेहा धूपिया और कोरोना वायरस के मीम चरस बोए हुए हैं।
समय समय पर अलग अलग मीम भी ट्रेंड में देखने को मिल ही जाते हैं। पर इस मायावी मीम की दुनिया में जहां टिके रहने के लिए UPSC से भी टफ कंपटीशन झेलना पड़ता है, एक कैरेक्टर और उस पर बना मीम अनादि काल से अपनी टॉप पोजीशन पर बरकारार है।
और अनंत समय तक रहेगा भी। और वह मीम है, "मैं एक्सपर्ट हूं, मुझे सब आता है"। और इस मीम में जो करेक्टर हैं वह हैं मीमर्स के राज दुलारे, आंखों के तारे राजपाल यादव।
बनियान पहने हुए खीस निपोर कर और सीने को दोनों हाथों से ताव देते हुए जब फिल्म चुप चुप के में राजपाल यादव ने यह सीन किया था, उस वक्त शायद ही उन्होंने यह सोचा होगा कि मीम की दुनिया को उन्होंने एक कोहिनूर दे दिया है।
उसी फिल्म का एक और सीन जिसमें राजपाल यादव रोटी काटने के लिए आरी मांग रहे होते हैं, वह भी मीमर्स के फेवरेट मीम मटेरियल में से एक है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में जन्मे राजपाल यादव आज यानि कि 16 मार्च को 49 साल के हो गए हैं। फिल्म जगत में राजपाल की पहचान एक बहुत ही उम्दा कॉमेडियन के तौर पर रही है। पर उन्हें सिर्फ कॉमिक एक्टर के तौर पर जानना उनके अंडररेट करने के जैसा ही है।
जहां चुप चुप के, फिर हेरा फेरी, और पार्टनर जैसी फिल्मों को उन्होंने अपनी कॉमेडी से चार चांद लगाए हैं, तो वहीं अंडर ट्रायल, डरना मना है और मैं मेरी पत्नी और वो जैसी फिल्में अगर आप देख लें तो राजपाल की गंभीर अदाकारी के कायल हुए बिना रह नहीं पाएंगे।
आखिरी बार राजपाल यादव 'तिश्नगी' नाम की फिल्म में नजर आए थे। आने वाले वक्त में राजपाल कुली नं. वन की रीमेक और भूलभुलैया पार्ट 2 जैसी फिल्मों में हमें अपनी कमाल की कॉमेडी से एक बार फिर से गुदुगुदाएंगे।








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